शनि महादशा
19 साल
शनि की महादशा कर्म और धीरज का समय है। यह दौर सीधा हिसाब रखता है — जितना बोया, उतना काटा। मेहनत लंबी हो सकती है, पर उसका फल टिकाऊ होता है; अनुशासन, सेवा और संयम इस समय के मित्र हैं। ईमानदारी से चलने वाले को यह दौर ऐसी नींव देता है जो देर तक काम आती है।
विंशोत्तरी क्रम
नौ दौर, हमेशा इसी क्रम में, कुल 120 साल। आपका चक्र कहाँ से शुरू होता है, यह जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से तय होता है।
| 1 | केतु | 7 साल |
| 2 | शुक्र | 20 साल |
| 3 | सूर्य | 6 साल |
| 4 | चंद्र | 10 साल |
| 5 | मंगल | 7 साल |
| 6 | राहु | 18 साल |
| 7 | गुरु | 16 साल |
| 8 | शनि | 19 साल |
| 9 | बुध | 17 साल |
| कुल | 120 साल |
ज्योतिष रुझान बताता है, निश्चय नहीं।