केतु महादशा
7 साल
केतु की महादशा अंतर्मुखी यात्रा का समय है। बाहर की दौड़ से मन थोड़ा हट कर गहरे प्रश्नों की तरफ़ मुड़ता है; अध्यात्म, ध्यान और त्याग के विषय खींचते हैं। मोह कम होता है, दृष्टि साफ़ होती है। जो इस दौर को समझ कर जीता है, उसके लिए यह हल्केपन का समय बन जाता है।
विंशोत्तरी क्रम
नौ दौर, हमेशा इसी क्रम में, कुल 120 साल। आपका चक्र कहाँ से शुरू होता है, यह जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से तय होता है।
| 1 | केतु | 7 साल |
| 2 | शुक्र | 20 साल |
| 3 | सूर्य | 6 साल |
| 4 | चंद्र | 10 साल |
| 5 | मंगल | 7 साल |
| 6 | राहु | 18 साल |
| 7 | गुरु | 16 साल |
| 8 | शनि | 19 साल |
| 9 | बुध | 17 साल |
| कुल | 120 साल |
ज्योतिष रुझान बताता है, निश्चय नहीं।